ये बासठ वाला हिंदुस्तान नहीं - आर के रस्तोगी



ये बासठ वाला हिंदुस्तान नहीं।

आर के रस्तोगी

मत ललकार चीन हमे तू,
ये बासठ वाला हिंदुस्तान नहीं।
चमगादड़ खाने वाले तू,
हम से क्या लड़ पाएगा।
जीवों की हत्या करने वाले,
अब तू नहीं बच पाएगा।
बना ले तू जितना सस्ता माल,
विश्व में नहीं बिक पाएगा।
भारत के अच्छे उत्पादन के आगे,
अब तू नहीं टिक पाएगा।
मत उलझ जाना अबकी बार,
रहेगा तेरा नाम निशान नहीं।
मत ललकार चीन हमे तू,
ये बासठ वाला हिंदुस्तान नहीं।।

हांगकांग ताइवान है नहीं तेरे साथ,
उन्होंने आजादी का बिगुल बजाया है।
नेपाल भूटान भी नहीं तेरे साथ,
तूने उनको खूब सताया है।
सच्चा मित्र भी नहीं पाकिस्तान,
उसका हिस्सा भी तूने दबाया है।
ब्रिटेन अमेरिका भी नहीं तेरे साथ,
तूने वहां कोरोना फैलाया है।
इन बातो को सोच समझ ले,
क्या तेरी अक्ल में कुछ आया है।
कोई भी देश नहीं तेरे साथ में,
WHO ने तुझे खूब समझाया है।
विस्तारवाद है तेरी नीति,
तेरा तो कोई धर्म ईमान नहीं,
मत ललकार चीन हमे अब तू,
ये बासठ वाला हिंदुस्तान नहीं।

मत बढ़ा सीमा पर तनाव,
वरना मूह की तू खाएगा।
हटा ले अपनी फौजे LAC से
 वरना तू हमेशा पछताएगा।
हम मिट्टी के नहीं बने है
फौलादी हमारा सीना है।
डोलकम को क्या भूल गया,
तेरा मुश्किल हो गया जीना था,
क्यो हट रहा है गलवन घाटी से,
जहां तूने अपनी फौज जमाई थी,
देखा जब तूने हमारी भारी सेना,
तब ही तूने अपनी फौज हटाई थी
आगे बढ़ना इन सेक्ट्रो में,
अब तेरा इतना आसान नहीं,
मत ललकार चीन हमे तू,
ये बासठ वाला हिंदुस्तान नहीं।।

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

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