जिंदगी - अमित डोगरा




जिंदगी


अमित डोगरा


जिंदगी तू भी कमाल है, कब आती है, कब चली जाती है ,पता ही नहीं लगता

तुम कभी किसी को पास ले आती है और कभी किसी को दूर ले जाती है

कभी किसी को कुछ बताने में जिंदगी निकल जाती और कोई अनजाने में बहुत कुछ कह जाता है

कभी किसी रिश्ते को निभाने का,हर प्रयत्न विफल हो जाता है और किसी से अनजाने से रिश्ता जुड़ जाता है।

कभी कोई लाख बार बोलने पर भी नहीं समझता और कोई बिन बोले ही समझ जाता है।

कभी कोई सब कुछ जानकर भी तोड़ कर चला जाता है और कोई बिना कुछ जाने सब कुछ जोड़ देता है।

अमित डोगरा,
पी.एच डी  शोधकर्ता,
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर,9878266885, amitdogra101@gmail.com


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