मैं तो मजदूर हूँ - विनोद निराश


मैं तो मजदूर हूँ

विनोद निराश


नसीब से अपने, मजबूर हूँ ,
मेहनत करता हूँ, मगरूर हूँ।

दिन रात पसीना, बहाता हूँ ,
नज़र में लोगो की, बेशऊर हूँ।

धरती पर भी मैं, सो लेता हूँ ,
थकान से शरीर की, चूर हूँ।

स्वाभिमान से सदा, जीता हूँ ,
मक्कारी बेईमानी से, दूर हूँ।

यूँ तो अभावो का, अभागा हूँ ,
मगर टूटी झोपडी का, नूर हूँ।

गर्मी, सर्दी, बरसात सहता हूँ ,
इसलिए मैं थोड़ा सा, बेनूर हूँ।

असंख्य तनावो से, मैं दबा हूँ ,
सरकारी फाइलों में, मशहूर हूँ।

गरीबी, लाचारी से, जूझ रहा हूँ ,
क्यूँकि मैं तो, निराश मजदूर हूँ।

विनोद निराश , देहरादून
देहरादून (उत्तराखंड)
फोन -09719282989 / 6396045800

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