सबने एक दीप जलाना है घर मे ।



सबने एक दीप जलाना है घर मे ।

आर के रस्तोगी

सबने एक दीप जलाना है घर मे ।
सब जगह प्रकाश हो जाएगा ॥
सारे संसार से यह कातिल कोरोना ।
स्वत: ही सम्पात हो जाएगा ॥
बड़े दौर गुजरे है जिन्दगी में ।
यह दौर भी रूक जाएगा ॥
रोक लो अपने पावों को घरो में ।
कोरोना का दौर भी थम जाएगा ॥
माना कि,संघर्ष काफी विकट है ।
किन्तु लक्ष्य भी काफी निकट है ॥
पर संकल्प हम सबने निभाना है ।
बाहर किसी को भी नहीं जाना है ॥
कुछ अफ्बाहे नयी फैला रहे है ।
कुछ पत्थर छतो से फैक रहे है ॥
जो सेवा सुरक्षा उनकी करते है ।
उन्ही को वे सब पत्थर मार रहे है ॥
रावण मरा राम के बनवास से ।
कंस मरा नन्द के कारावास से ॥
हिरणाक्शय्प मरा झूठे विशवास से ।
कोरोना मरेगा हम सबके गृहवास से ॥
आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

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