अक्ल पे पड़ा लॉक डाउन का ताला - आर के रस्तोगी



अक्ल पे पड़ा लॉक डाउन का ताला 

आर के रस्तोगी


हुए पूरे 40  दिन लॉक डाउन के,हम क्या क्या नहीं कर पाये 
चकला बेलन झाड़ू पौछा कर लिये,क्या बच्चो को नहलाये 

बीबी कहती घर में पड़े रहते,अब बाहर क्यों नहीं जाते?
हम बोले बाहर पुलिस का पहरा,क्या उनसे पिट कर आते?

कैसा है ये लॉक डाउन ,कही लगा नहीं है ताला

बिन ताले घर में बंद है,ये कैसा  पड़ा है पाला  

कर लिए है सभी काम,घर की कर ली साफ़ सफाई 
बीबी फिर भी कहती,अभी तक तुम्हे अक्ल नहीं आई 

अक्ल कहाँ से आती,अक्ल पे पड़ा लॉक डाउन का ताला 
चाबी तो बीबी पर रहती,फिर कैसे खुले  अक्ल का ताला 

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम


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