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ओलम्पिक में मंडराने लगा कोरोना का साया


ओलम्पिक में मंडराने लगा कोरोना का साया

ब्रजेश सैनी

कोरोना वायरस  पहले ही आधी दुनिया को अपनी जद में ले चुका है ।  चीन से निकला ये खतरनाक वायरस अपने पैर पसारते ही जा रहा है । अभी भी कोरोना पर लगाम नही लग पा रही है दुनिया को तो पहले ही तबाह कर चुका है अब विश्व के सबसे बड़े खेल ओलंपिक गेम्स को तबाह करने की ओर निकल पड़ा । ओलंपिक शुरू होने में  सिर्फ 4 महीने का वक्त  बचा है जिसकी मेजबानी जापान कर रहा है परेशानी वाली बात यह है कि जिन 78 देशों में कोरोना ने पैर पसारे है उसमे जापान भी शामिल है चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिग दो दिन की यात्रा पर जापान जाने वाले थे  मगर कोरोना की वजह से दौरा रद्द करना पड़ा । क्योकि चीनी खिलाडी भी इस ओलम्पिक का हिस्सा है जो अन्य देशों के खिलाड़ियों में खौफ पैदा कर रहा है ।

मतलब साफ है कि ओलंपिक में भी कोरोना वायरस का साया मंडराने लगा है । 12 मार्च  को ओलम्पिक 2020 की मशाल ग्रीस के ओलंपिया में  जलाई जायेगी जो बाद में जापान तक का सफर तय करेगी । मशाल के जलते ही इस साल के ओलंपिक का आग़ाज़ होगा जो 24 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त 2020 तक चलना है.  लेकिन अब तक 50 से अधिक देशों में फैल चुके कोरोना वायरस ने इस आयोजन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. जापान की संसद में ओलंपिक को लेकर उठे सवाल पर जवाब देते हुए वहाँ के ओलंपिक मंत्री, सीको हाशीमोटो ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक खेल कोरोना वायरस के कारण साल के अंत तक के लिए स्थगित हो सकते हैं । इशारा साफ़ है अगर कोरोना वायरस बढ़ता है और ओलंपिक देश को इस खेल का हिस्सा है वो प्रतिस्पर्धा में आने से मना करते है तो इन ओलंपिक खेल को आगे बढ़ाया जा सकता है.

  दो दिन पहले यानि 3 मार्च को स्विट्ज़रलैंड में हुई एक बैठक में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रवक्ता मार्क एडम्स ने कहा था  ओलंपिक अपने तय समय यानी कि 24 जुलाई को ही शुरू होगा. कोरोना वायरस का इतना बड़ा खतरा अभी जापान में नही है  मगर इस पर भारत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे खिलाडी जापान जाने के लिए अभी तैयार नही है  वहीं अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बैच भी ऐसा ही आश्वासन देते नज़र आए । यहाँ एक बात को नजरअंदाज नही किया जा सकता कि जिस तेज़ी से कोरोना वायरस विश्वभर में फैल रहा है  उसे देखते हुए ओलंपिक खेल कुछ आंशकाओं के बीच फंसते नज़र आ रहे हैं । इसी बात को देखते हुए भारतीय कोच और खिलाड़ियों के बीच भी इस आयोजन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं । इस बात से आप तय कर सकते है कि ओलंपिक के क्वालीफायर बॉक्सिंग एशिया और ओशियाना ओलंपिक क्वालिफ़ायिंग मुक़ाबला 3 फ़रवरी से 14 फ़रवरी 2020 तक चीन के वुहान शहर में होने वाले थे लेकिन अब यह मुक़ाबला जॉर्डन की राजधानी अम्मान में खेला जा रहा है. 

जो की  11 मार्च तक यह मुक़ाबला खेला जाएगा ।   4-13 मार्च तक साइप्रस में चलने वाले शूटिंग विश्वकप में भारत ने अपने खिलाड़ियों को नहीं भेजा. तो भारत की राजधानी दिल्ली में 15 मार्च से शुरू होने वाले शूटिंग विश्वकप से अबतक क़रीब 6 देश अपना नाम वापस ले चुके हैं. एक सवाल जो अभी भी कटोच रहा है वो है क्या इस ओलम्पिक में चीनी खिलाडी नजर आएंगे । क्योकि वहीं चीन जो ओलंपिक खेलों में पदक तालिका के मामले में अमरिका जैसे देशों को लोहा देता नज़र आता है, इस साल के ओलंपिक क्वालीफ़ायर में भाग लेने के लिए जूझ रहा है. अगर आपको याद हो पिछले महीने दिल्ली में 18-23 फ़रवरी तक आयोजित हुए एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में 40 दल के चीनी खिलाड़ियों को भारत ने वीज़ा प्रदान नहीं किया था हालांकि उन सभी  चीनी खिलाड़ियों का कोरोना वायरस टेस्ट नेगेटिव था लेकिन फिर भी उनको वीज़ा नहीं मिला ।

 इससे यह बात तय है कि चीनी खिलाड़ियो के साथ जैसे भारत दूरी बना रहा है वैसे अन्य देश भी बना रहे है  बड़े बड़े खेल रद्द होने का यह कोई पहला मामला नही इससे पहले भी साल 2003 में सार्स वायरस के कारण महिला फ़ीफा विश्वकप चीन से हटाकर अमरिका में आयोजित किया गया था जबकि बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप यूनाइटेड किंगडम ने रद्द कर दिया था । इसके बाद 1916 में पहले विश्व युद्ध के चलते ओलंपिक रद्द हुआ था, फिर 1940 और 1944 के ओलंपिक में दूसरे विश्व युद्ध के चलते रद्द हुआ था । इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (आईओसी) के प्रेसिडेंट थॉमस बैच कह चुके है कि इसमे जापान सरकार के जापान ने अब तक 90 हजार करोड़ रु. खर्च किए है  और जुलाई में होने वाले टोक्यो ओलिंपिक पर असर की आशंका, लेकिन इन्हें रद्द या टालना बेहद मुश्किल है ओलिंपिक खेलों का वैकल्पिक मेजबान भी नहीं होता और इसे  आनन-फानन में इसे किसी और में आयोजित नहीं किया जा सकता है । ओलिंपिक खेलों का वैकल्पिक मेजबान भी नहीं होता।

ब्रजेश सैनी

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