जरूरी चीजों का उत्पादन है जरूरी


जरूरी चीजों का उत्पादन है जरूरी

लिमटी खरे
कोरोना कोविड 19 की जद में समूची दुनिया है। भारत देश जिस तरह इस वायरस के संक्रमण से सफलता पूर्वक निपट रहा है वह तारीफे काबिल है। देश में कोरोना कोविड 19 से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है, पर यह राहत की बात है कि संक्रमित मरीजों की तादाद में विस्फोटक बढ़ोत्तरी नहीं दर्ज की जा रही है।
यह राहत की बात मानी जा सकती है कि कोरोना कोविड 19 के संक्रमण से निपटने के भारत के उपाय काफी हद तक कारगर साबित हो रहे हैं। इसके लिए बड़ी तादाद में क्वारंटाईन सेंटर्स बनाए गए हैं। थोड़ी सी भी शंका होने पर लोगों को आईसोलशन के लिए भेजा जा रहा है।
चिकित्सकों, नर्सेस, पेरामेडिकल स्टॉफ को नमन, प्रणाम, उनका अभिवादन। वे पूरे मनोयोग से जुटे हुए हैं। वे दिन रात की चिंता किए बिना ही अपने कर्तव्यों को निभा रहे हैं। इसके लिए जरूरी साधनों का अभाव अभी भी खल ही रहा है। चिकित्सा कार्य में लगे लोगों को सुरक्षा उपकरणों की किल्लत किसी से छिपी नहीं है।
सुरक्षा उपकरणों के बिना इस महामारी से कैसे निपटा जाए, यह यक्ष प्रश्न आज भी खड़ा हुआ है। सुरक्षा उपकरणों के बिना इस महामारी से निपटना बहुत ही दुष्कर साबित हो रहा है। इसके चलते चिकित्सा कार्य में लगे लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मण्डरा रहा है। चिकित्सा कर्मियों को पर्याप्त मात्रा में मानक आधार के एन 95 या एन 97 गुणवत्ता वाले मास्क नहीं मिल पा रहे हैं। केंद्र सरकार सहित राज्य सरकारों के द्वारा इसके लिए बाकायदा गाईड लाईन भी जारी की गई है, पर जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों की तंद्रा शायद अभी टूटी नहीं है।
जब सामान्य मास्क ही पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहे हैं तो बाकी की कौन कहे। जहां तहां ग्लब्स और सैनेटाईजर की कमी महसूस की जा रही है। सुरक्षा उपकरणों के नाम पर रस्म अदायगी कहीं घातक न हो जाए इस बात का ध्यान भी रखा जाना जरूरी है।
इस महामारी से निपटने के लिए विदेशों से जरूरी सामग्री का आर्डर तो दिया गया है पर इसकी सप्लाई कब तक हो पाएगी यह कहना मुश्किल ही है। इन परिस्थितियों में आज जरूरत इस बात की है कि देश में ही विपुल मात्रा में सुरक्षा उपकरणों के उत्पादन की ओर ध्यान केंद्रित किया जाए।
प्रधानमंत्री देश से लगातार ही अपील की जा रही है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में चिकित्सा उपकरण बनाने वाली कंपनीज से यह अपील जरूर करेंगे कि वे जरूरी सुरक्षा उपकरणों का उत्पादन आरंभ करें। इसके लिए बड़ी कंपनीज़ को चाहिए कि वे अपने कारखानों में कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए पूरी सावधानी बरतते हुए कम से कम वैंटिलेटर्स, गुणवत्ता वाले मास्क, ग्लब्स, सैनिटाईजर्स आदि का उत्पादन आरंभ कराएं। इसके लिए जांच किट भी देश में पर्याप्त मात्रा में बनाए जाने की जरूरत है।
जब भी युद्ध की परिस्थितियां निर्मित होती हैं तब इस तरह की कवायद की जाती है। आज की स्थितियां कमोबेश इसी तरह की हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि देश का हर नागरिक इसकी विभीषिका को समझे और घर पर रहकर अपना योगदान दे। इसके लिए चिकित्सा के उपयोग में वर्तमान में जिन भी सामग्रियों की जरूरत है उसका उत्पादन सुनिश्चित होना ही चाहिए।
हमारा उद्देश्य आपको डराना या भय पैदा करना कतई नहीं है, पर इस वायरस के संक्रमण से बचने के संभावित उपायों आदि पर चर्चा भी जरूरी है। आप अपने घरों में रहें, घरों से बाहर न निकलें, सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात सामाजिक दूरी को बरकरार रखें, शासन, प्रशासन के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए घर पर ही रहें।
लिमटी खरे
(लेखक समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के संपादक हैं.)

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