अगर सच है तो अपनी जबान से खुलकर बोलिये

अगर सच है तो अपनी जबान से खुलकर बोलिये
अगर सच है तो अपनी जबान से खुलकर बोलिये

✍ आर के रस्तोगी

हमारी पसन्द अपनी निगाहो से न तोलिये।
ये दिल के मामले है, इनमे जरा न बोलिये॥

न किसी को बुरा कहे, न किसी का दिल तोडिये।
जब दिल से दिल मिल जाये,तो खुलकर बोलिये॥

चर्चा हो रही है,उनके प्यार की इस सरे बाजार में।
अगर सच है तो अपनी जबान से खुलकर बोलिये॥

करते हो अगर सच्ची मोहब्बत किसी इंसान से।
बेहिजक,बेधडक दिल के दरवाजे तुम खोलिये॥

ये दिल का मामला है,किस बख्त किस पर आ जाये।
दिल देने से पहले अपने जज्बात दिल से ही तोलिये॥



आर के रस्तोगी (गुरुग्राम)

Post a Comment

0 Comments

कुछ तो हो