नवीन हलदूणवी - अज्ज खुड़ी गे ठेक्के जी



अज्ज खुड़ी गे ठेक्के जी


नवीन हलदूणवी


अज्ज खुड़ी गे ठेक्के जी,
के  करना  ऐं  पेक्के  जी?

के  बोल्लां  सरकारा  जो,
जल़दा कुण ऐं सेक्के जी?

बबरू   रोज   तल़ोंदे   नीं,
खांदा  कुण ऐं  केक्के जी?

स्हाड़ी  सुच्ची  भगती  जो,
कुण  मारा  दा  ढेक्के  जी?

पुट्ठे   रीत - रुआज्जां   जो,
कुण-कुण मित्तर छेक्के जी?

मारी    मत्त   "नवीने"   दी,
कैंह्नीं   मत्था   टेक्के   जी?

नवीन हलदूणवी
8219484701
काव्य - कुंज जसूर-176201,
जिला कांगड़ा ,हिमाचल प्रदेश।

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