तमाम खबरों के बीच एक खबर मानव जाति के कल्याण की!



तमाम खबरों के बीच एक खबर मानव जाति के कल्याण की!


✍ गोविंद

कोरोना वायरस के संक्रमण प्रकोप के चलते जहां लोगों के बीच डर का माहौल हैं , और लोकडाउन द्वारा रोकथाम की जा रही है। दुकाने ,फैक्ट्रियां ,भवन निर्माण, सड़क निर्माण, यातायात सुविधा एवम्  मूलभूत सुविधाओं को छोड़कर अन्य सभी विकल्पों को बंद किया हुआ है और एक नए तरह के वातावरण में लोग खुद को महसूस कर रहे हैं इन्हीं सब खबरों के बीच एक अच्छी खबर आई है पर्यावरण से संबंधित!!

 विभिन्न समाचार पत्रों में हरियाणा के सभी जिलों का पर्यावरण प्रदूषण का स्तर दिखाया गया है जोकि बहुत संतोषजनक है, वैज्ञानिकों द्वारा कहा गया है कि हरियाणा की हवा पहाड़ों की हवा जैसी हो गई है और ऐसी हवा में शुद्धता 1970-80 के दशक में हुआ करती थी। आज की भीड़-भाड़ भरी जिंदगी, जहां चारों तरफ प्रदूषण, धुआं, कोहरा, एवम् अन्य समस्याएं आदमी को घेरे हुए थी और अचानक एक वायरस द्वारा जिंदगी की रफ्तार को धीमा कर दिया गया। सच कहूं तो इसके बहुत सारे नकारात्मक प्रभाव तो दिखे ही, लेकिन इन सबके बीच आगे आने वाले भविष्य में पर्यावरण को कैसे ठीक किया जाए इसके हमें विकल्प भी दे दिए हैं। 

हमें समझ जाना चाहिए प्रकृति के साथ खिलवाड़ कितना भयानक होता है। एक विषाणु जो दिखने में बहुत सूक्ष्म हैं , दुनिया की स्थिति किस प्रकार से बिगाड़ सकता है,चलो वायरस का प्रकोप आज नहीं तो कल नियंत्रित हो ही जाएगा, लेकिन इससे मिला अनुभव और सीख, इसी को हम आने वाले समय में ध्यान रखकर पर्यावरण के प्रति अधिक सचेत हो सकते हैं। आने वाले समय में आधुनिक तकनीक और विज्ञान के साथ-साथ पर्यावरण भी मानव जाति है केंद्र में होना चाहिए, अन्यथा सोचिए अगर एक विषाणु इतना उत्पात मचा सकता है तो प्रकृति अपने भयानक रूप पर उतर आई तो न जाने क्या क्या होगा?

Post a Comment

0 Comments

कुछ तो हो