डॉ. राजेश पुरोहित की रचना - दोस्ती



दोस्ती

डॉ. राजेश पुरोहित


दोस्ती की आड़ में तूने क्या किया
पीठ पीछे मित्र को छुरा घोप दिया

बात ही बात में जान तक ले गया
ये कैसी दोस्ती , क्या सिला दे गया

आजकल खुदगर्ज़ी ने क्या दिया।
दोस्त ने दोस्त को धोखा दे दिया

अनमोल रिश्ता मित्रता का भूलकर
अब एक दूसरे का दुश्मन बना दिया

यकीन  न रहा दोस्ती पर अब यारो
राजेश दोस्ती को  मजाक कर दिया


डॉ. राजेश पुरोहित
भवानी मंडी 

Post a Comment

0 Comments

वतन के लिए - आलोक कौशिक