हम से बेहतर कोरोना से जंग दुनिया मे कोई नही लड़ रहा



हम से बेहतर कोरोना से जंग दुनिया में कोई नहीं लड़ रहा 


कुंदन कुमार


हम से बेहतर ये जंग दुनिया मे कोई नही लड़ रहा :- में क्यों बोलता हूं अभी वादविवाद या आरोप प्रत्यारोप का समय नही है बल्कि देश के लिए सकारात्मक सोच के साथ घर मे बैठ कर कुछ अच्छा सोचने या करने का समय है। मेरे पहलू को समझिए।

अमेरिका दुनिया मे सबसे साधन संपन्न देश है। जिसमे कोरोना का पहला केस  20 जनबरी 2020 को आया था। भारत मे पहला केस 29 जनबरी 2020 को। अमेरिका के राष्ट्रपति, चीन पर साजिश का आरोप लगाते रहे और अपने देश मे लॉक डाउन नहीं किया, ना ही जनता को इस विषय की गंभीरता बता पाए ना ही कोई गंभीर उपाय कर पाए । परिणामस्वरूप आज अमेरिका में विश्व मे सबसे ज्यादा लगभग 1,24,982 केस आ चुके है। अकेले कल के दिन में लगभग 19452 नए केस अमेरिका में आये है।

 इसके ठीक उलट संसाधनों से सीमित, असीमित जनसंख्या का बोझ लिए अपना देश भारत, अपने नागरिको और  नेताओं से साथ कंधे से कंधा मिलाकर यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी के कुशल नेतृत्व में कोरोना से जंग की शुरुआत की। फलस्वरूप आज हमारे देश मे मात्र 1024 मरीज है औऱ कल के दिन पूरे देश मे मात्र 100 नए केस आये। स्थिति पूर्ण नियंत्रण में नही कह सकते लेकिन संतोषप्रद जरूर है। भारत के पंजाब प्रान्त ने पूर्ण कर्फ्यू का आदेश दिया और पिछले 2 दिनों में जीरो नए केस आये है। मतलब साफ है जो जितनी सख्ती से नियमो का पालन करेगा वो रोग को रोकने में जायद सफल होगा।

मैं ये कतई नही कह रहा कि हम जंग जीत गए है या जीत रहे है। ये लड़ाई लंबी है जिसमे एक दिन में सारा खेल बदल सकता है। माता सीता ने भी एक गरीब ब्राह्मण को भिक्षा देना अपना कर्तव्य समझा था। इसमें कोई बुराई भी नही लेकिन जब कपटी रावण के चक्कर मे लक्ष्मण रेखा को पार किया तो परिणाम खुद को संकट में डालाना ही रहा था। इसी तरह इस विपदा में जब हम अपने आसपास रहने वाले गरीबो को खाना दे, रहने की व्यवथा करे यहाँ तक ठीक है। लेकिन जब वही लक्ष्मण रेखा को पार करे और आपके घर वाले को भी पार करने को मजबूर कर खतरे में डालने की कोशिश करे फिर रामायण में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के रास्ते चलना ही स्वधर्म औऱ राष्ट्रधर्म है।

हम भाग्यशाली हैं की हम इस महान देश के नागरिक है जहां 99% लोग अभी जाति, धर्म, पार्टी से ऊपर उठकर कदम ताल मिलाकर इस समय देश को बचाने में लगे है। वास्तव में हम जिस राजनेताओं, अफसरों पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे है उसमें से कोई भी असली गुनहगार नही है। असल दोषी तो इस वायरस को फैलाने वाला और रोकथाम के उपायों में भी झूठ बोलकर सम्पूर्ण मानव जाति को खतरे में डालने वाला चीन ही है। हमारे यहाँ तो सब अपने अपने तरीके से देश को बचाने में ही लगे है। किसी का कोई  निर्णय फायदा दे जाता है तो किसी का कोई निर्णय क्षणिक नुकसान। यकीन मानिए इस समय दुनिया में हमसे बेहतर कोई इस कोरोना दुश्मन से नही लड़ रहा है। ना ही हमसे बेहतर किसी की सेना और सेनापति है। बस हमे धैर्य के साथ रहना है, जीत हमारी होगी।



कुंदन कुमार
शिक्षा - पीएचडी (बायोटेक्नोलॉजी) एमबीएएग्रीकल्चर पालिसी में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा। वर्तमान में सोशल एंटरप्रेन्योरशिप दिल्ली में कार्यरत। 12 साल का रिसर्च तथा अन्य फील्ड में व्यतिगत अनुभव।



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2 Comments

  1. Aapke vicharo se sahmat bhi hu Aur Wo sab kar raha hu jo sabke liye Thik hai.

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